सप्लायर का बकाया: भुगतान से पहले जाँचें
आपका सप्लायर बकाया बैलेंस वह रकम है जो खरीद बिल, भुगतान और सहमति से तय समायोजन गिनने के बाद भी सप्लायर को देनी बाकी है। अगला भुगतान भेजने से पहले इसे उसी तारीख तक के सप्लायर स्टेटमेंट से मिलाएँ। इस गाइड में सप्लायर के हिसाब का आसान मिलान, दुकान का पूरा उदाहरण और अंतर खोजने में मदद करने वाली Yojika स्क्रीन दी गई हैं।
सप्लायर का बकाया कैसे निकालें
जिस सप्लायर से आप केवल खरीदते हैं, उसके लिए यह हिसाब लगाएँ:
शुरुआती देय रकम + नए खरीद बिल − भुगतान − सहमति से तय क्रेडिट या रिटर्न = अंतिम देय रकम।
हर बिल की अंतिम रकम लें, जिसमें उस पर लगाया गया कोई भी टैक्स शामिल हो। अगर शुरुआती रकम निकालते समय कोई भुगतान पहले ही घटाया जा चुका है, तो उसे दोबारा न घटाएँ। जिस रिटर्न पर सप्लायर की मंज़ूरी अभी बाकी है, उसे सवालों की सूची में रखें; वह अभी सहमति से तय कटौती नहीं है।
इन आँकड़ों को अलग रखें:
| आँकड़ा | इससे किस सवाल का जवाब मिलता है |
|---|---|
| खरीद का कुल | चुनी हुई अवधि में आपने कितनी खरीद की? |
| बकाया | दर्ज भुगतानों और समायोजनों के बाद कितनी रकम देनी बाकी है? |
| अतिदेय रकम | किन बकाया रकमों की तय भुगतान तारीख निकल चुकी है? |
नया बिल बकाया हो सकता है, जबकि उसकी भुगतान तारीख अभी न निकली हो। इसी तरह, इस महीने किया गया भुगतान पिछले महीने की खरीद चुका सकता है। केवल इस महीने की कुल खरीद को इस महीने के बैंक ट्रांसफर से मिलाने पर यह पता नहीं चलेगा कि अभी कितनी रकम देनी बाकी है।
अगर वही कारोबार आपकी दुकान से सामान भी खरीदता है, तो एक रकम को दूसरी में समायोजित करने पर सहमति देने से पहले दोनों पक्षों का हिसाब अलग-अलग देखें।
अंतिम रकम मिलाने से पहले दस्तावेज़ मिलाएँ
किसी निश्चित तारीख तक का स्टेटमेंट माँगें। फिर उस तारीख तक के खरीद बिल, भुगतान की पुष्टि और रिटर्न के दस्तावेज़ इकट्ठा करें।
1. शुरुआती रकम पर सहमति करें
पिछली बार सहमति से तय अंतिम बैलेंस से शुरू करें। अगर यह रकम अलग है, तो पहले पिछली अवधि की जाँच करें। इस महीने की एंट्री पूरी तरह मिलने पर भी पुराने अंतर का कारण पता नहीं चलेगा।
कागज़ की बही से सॉफ्टवेयर पर आते समय एक ही देनदारी दो बार दर्ज न करें—एक बार शुरुआती बैलेंस के रूप में और फिर पुराने बकाया बिल के रूप में।
2. सप्लायर के हर बिल को मिलाएँ
सप्लायर का नाम, सप्लायर बिल नंबर, तारीख और अंतिम कुल रकम मिलाएँ। आपके सॉफ्टवेयर का अंदरूनी खरीद नंबर सप्लायर के दस्तावेज़ पर दिए नंबर से अलग हो सकता है।
छूटे और दोहराए गए बिलों को चिह्नित करें। कुछ भी जोड़ने से पहले असली दस्तावेज़ देखें। खरीद और खर्च दर्ज करने की हमारी गाइड मूल लेन-देन दर्ज करने का तरीका बताती है; यहाँ जाँच इस बात की है कि कितनी रकम अभी चुकानी बाकी है।
3. हर भुगतान और समायोजन मिलाएँ
भुगतान के लिए रकम, तारीख और बैंक या UPI रेफरेंस मिलाएँ। अगर सप्लायर को भुगतान नहीं मिल रहा है, तो रेफरेंस साझा करें और पूछें कि रकम किस बिल में लगाई गई है। लंबित ट्रांसफर को चुकाया हुआ मानने से पहले उसकी जाँच करें।
लौटाए गए सामान के लिए रिटर्न रिकॉर्ड को सप्लायर की पुष्टि और सहमति से तय क्रेडिट से मिलाएँ। विवादित मात्रा या कटौती को अलग सूची में रखें। केवल दोनों कुल रकम बराबर दिखाने के लिए कभी काल्पनिक भुगतान दर्ज न करें।
उदाहरण: पुणे की एक दुकान एक सप्लायर का हिसाब जाँचती है
मान लें कि पुणे की एक दुकान पुणे के ही थोक विक्रेता के सामान्य स्थानीय खरीद खाते की जाँच कर रही है। सप्लायर का स्थान और सप्लाई का स्थान, दोनों महाराष्ट्र में हैं। इसलिए इस उदाहरण में टैक्स योग्य सप्लाई पर CGST और SGST लगते हैं, जो CBIC की सप्लाई FAQ के सवाल 85 के अनुरूप है।
नीचे दिए गए आँकड़े काल्पनिक अंतिम दस्तावेज़ रकम हैं, जिनमें लागू होने वाला टैक्स पहले से शामिल है। यह किसी उत्पाद की दर का उदाहरण नहीं है; GST दोबारा न जोड़ें।
| तारीख | एंट्री | देय रकम में जोड़ा | घटाया | चालू देय रकम |
|---|---|---|---|---|
| 01/09/2026 | सहमति से तय शुरुआती बैलेंस | ₹8,000 | — | ₹8,000 |
| 05/09/2026 | सप्लायर बिल A104 | ₹12,600 | — | ₹20,600 |
| 12/09/2026 | पुष्टि किया गया बैंक भुगतान | — | ₹10,000 | ₹10,600 |
| 18/09/2026 | सप्लायर बिल A119 | ₹7,400 | — | ₹18,000 |
| 22/09/2026 | सहमति से तय रिटर्न क्रेडिट | — | ₹1,000 | ₹17,000 |
| 25/09/2026 | पुष्टि किया गया UPI भुगतान | — | ₹5,000 | ₹12,000 |
हिसाब है: ₹8,000 + ₹20,000 − ₹15,000 − ₹1,000 = ₹12,000।
मान लें कि 25/09/2026 तक सप्लायर के स्टेटमेंट में ₹17,000 दिखता है। ₹5,000 का अंतर UPI भुगतान जाँचने का संकेत है, यह सबूत नहीं कि भुगतान छूट गया। अगर स्टेटमेंट में उसका रेफरेंस नहीं है और सप्लायर रकम मिलने की पुष्टि करता है, तो सुधारा हुआ स्टेटमेंट माँगें। फिर से ₹5,000 भेजने पर छूटी एंट्री ठीक नहीं होगी, बल्कि दूसरा भुगतान हो जाएगा।
Yojika में बैलेंस जाँचें
Parties खोलें, सप्लायर खोजें और Statement चुनें। वही तारीख अवधि चुनें जो सप्लायर के स्टेटमेंट में है। इसमें शुरुआती, चालू और अंतिम बैलेंस दिखते हैं; Export CSV से आपको मिलाने या साझा करने के लिए एक कॉपी मिलती है।
लेन-देन के ऊपर दिया Outstanding कुल, स्टेटमेंट में पुरानी अवधि दिखने पर भी, आज की स्थिति बताता है। Cr बैलेंस का मतलब है कि आपको पार्टी को रकम देनी है; Dr का मतलब है कि पार्टी को आपको रकम देनी है। केवल बिना चिह्न वाली संख्या मिलाने के बजाय उसकी दिशा भी पढ़ें।
खरीद बिल खोलने के लिए Transactions इस्तेमाल करें। जब वास्तविक भुगतान दर्ज करना हो, तो Record payment चुनें और भुगतान की रकम, तरीका, तारीख, स्रोत खाता और रेफरेंस भरें। Payment Out में दर्ज भुगतान और उनसे जुड़े बिल देखे जा सकते हैं।
एडवांस से पार्टी का बैलेंस घट सकता है, जबकि वह किसी बिल में लगाए जाने तक अलग-अलग बिल खुले रह सकते हैं। जो बिल बकाया दिख रहा है, उसे दोबारा चुकाने से पहले बिना लगाए गए एडवांस जाँचें। All-party balances में शुरुआती बैलेंस और एडवांस शामिल होते हैं; Payables aging बकाया बिलों और उनकी उम्र पर ध्यान देता है। इसलिए दोनों रिपोर्ट का मिलना ज़रूरी नहीं है।
GST की जाँच अलग रखें
सप्लायर के साथ सहमति से तय बैलेंस अपने-आप में इनपुट टैक्स क्रेडिट की पात्रता की पुष्टि नहीं है। GST पोर्टल की GSTR-2B FAQ करदाताओं को उस स्टेटमेंट को अपने रिकॉर्ड से मिलाने और क्रेडिट की पात्रता जाँचने की सलाह देती है।
अनसुलझे बिल, रिटर्न और भुगतान का विवरण अपने CA को दें। बकाया इनवॉइस और समायोजन के मौजूदा GST व्यवहार की पुष्टि अपने CA से करें; यह बैलेंस जाँच टैक्स क्रेडिट या फाइलिंग की अंतिम तारीख तय नहीं करती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सप्लायर का बकाया कैसे निकालें?
पहले से देय रकम से शुरू करें, उसमें नए खरीद बिलों का कुल जोड़ें, फिर भुगतान और सहमति से तय क्रेडिट या रिटर्न घटाएँ। अपने रिकॉर्ड और सप्लायर के स्टेटमेंट के लिए एक ही अंतिम तारीख रखें।
मेरी बही से सप्लायर के हिसाब में अधिक रकम देय क्यों दिखती है?
देखें कि कहीं सप्लायर ने कोई भुगतान दर्ज नहीं किया, आपकी बही में कोई खरीद बिल छूटा है, बिल दो बार दर्ज है या कोई रिटर्न अभी तय नहीं हुआ है। किसी भी बैलेंस को बदलने से पहले दस्तावेज़ नंबर और भुगतान रेफरेंस मिलाएँ।
क्या बकाया होने का मतलब भुगतान की तारीख निकल चुकी है?
नहीं। बकाया का मतलब है कि रकम अभी चुकानी बाकी है; अतिदेय का मतलब है कि भुगतान की तय तारीख निकल चुकी है। पहले किन बिलों पर ध्यान देना है, यह तय करने से पहले भुगतान की शर्तें देखें।
Yojika के स्टेटमेंट और बकाया कुल में अंतर क्यों हो सकता है?
स्टेटमेंट आपकी चुनी हुई तारीख अवधि के अनुसार होता है, जबकि बकाया कुल आज की स्थिति दिखाता है। इसलिए बाद के लेन-देन कुल रकम बदल सकते हैं, भले ही वे पुराने स्टेटमेंट में न दिखें।
अगला भुगतान जाँचना आसान बनाएँ
सहमति से तय एक स्टेटमेंट और उसके समर्थन वाले रेफरेंस संभालकर रखें। Yojika के खरीद रिकॉर्ड, पार्टी स्टेटमेंट और Payment Out सूची से इस कड़ी को देखना आसान होता है। बिलिंग और बहीखाता सुविधाएँ और मौजूदा प्लान देखें कि वे आपकी दुकान के रोज़मर्रा के काम में कैसे फिट होते हैं।